Friday, 20 April 2018

घर में इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखें

घर में इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखें , जिससे आपकी कई समस्याओं का अंत हो सकता है --

🔴रात में सोने से पहले रसोई में बाल्टी भरकर रखें इससे क़र्ज़ से शीघ्र मुक्ति मिलती है और यदि बाथरूम में बाल्टी भरकर रखेंगे तो जीवन में उन्नति के मार्ग में बाधा नही आवेगी |

🔵 सूर्यास्त के समय किसी को भी दूध,दही या प्याज माँगने पर ना दें इससे घर की बरकत समाप्त हो जाती है |

🔴छत पर कभी भी अनाज या बिस्तर ना धोएं..हाँ सुखा सकते है इससे ससुराल से सम्बन्ध खराब होने लगते हैं |

🔵 Fruits के छिलके कूडादान में ना डालें वल्कि बाहर फेंकें इससे मित्रों से लाभ होगा |

🔴महीने में एक बार किसी भी दिन घर में चीनी के साथ  मिश्री डाल कर खीर जरुर बनाएं व् परिवार सहित एक साथ खाएं अर्थात जब पूरा परिवार घर में इकट्ठा हो उसी समय खीर खाएं तो माँ लक्ष्मी की जल्दी कृपा होती है | व् सभी में प्यार बना रहता है।

🔵महीने में एक बार अपने office/shop में भी कुछ mithai (मीठा)जरुर ले जाएँ उसे अपने साथियों के साथ या अपने नौकरों के साथ मिलकर खाए तो धन लाभ होगा |
🔴 मुख्य द्वार (main entrance)के पास कभी भी  dustbin ना रखें इससे आपके  पड़ोसी ही आपके शत्रु हो जायेंगे |

🔵 वृहस्पतिवार के दिन घर में कोई भी पीली वस्तु अवश्य खाएं हरी वस्तु ना खाएं तथा बुधवार के दिन हरी वस्तु खाएं लेकिन पीली वस्तु बिलकुल ना खाएं इससे सुख समृद्धि बड़ेगी |

🔴रात को झूठे बर्तन ना रखें इसे पानी से धो कर रख सकते है धन हानि रुकेगी ।

🔵नहाने के बाद गीले  तौलिये का प्रयोग ना करें इससे संतान जिद्दी हो जाती है व परिवार से अलग होने लगती है ।रोज़ साफ़ सुथरा और सूखा तौलिया ही प्रयोग करें |

🔴कभी भी  पूरा परिवार एक साथ घर से ना निकलें आगे पीछे जाएँ इससे यश की वृद्धि होगी |

Friday, 13 April 2018

पूजा में कलश स्थापना की वैज्ञानिकता



वैज्ञानिक ज्ञान को प्रतीकों में बांधकर धार्मिक आस्था में ओत प्रोत कर देना हिंदू धर्म की विशेषता है। हिंदू रीति के अनुसार जब भी कोई पूजा होती है तब मंगल कलश की स्थापना अनिवार्य होती है बड़े यज्ञ अनुष्ठान में पुत्रवती सधवा महिलाएं बड़ी संख्या में मंगल कलश लेकर शोभायात्रा में निकलती है उसे समय सृजन एवं मातृत्व दोनों की पूजा एक साथ होती है ।

पूजन के समय प्रायः उच्चारण किया जाने वाला मंत्र स्वयं स्पष्ट है -
कलशस्य मुखे विष्णु कण्ठे रुद्र समाश्रिताः,
मुलेतस्य स्थितो ब्रह्मा मध्ये मात्र गणा स्मृता।
कुक्षोतु सागरा सर्वे सप्त द्विपा वसुंधरा, ऋग्वेदो यजुर्वेदो सामवेदो अथर्वणा: अंगेशच सहिता सर्वे कलशन्तु समाश्रिताः।।
अर्थात सृष्टि के नियामक विष्णु रुद्र और ब्रह्मा त्रिगुणात्मक शक्ति लिए इस ब्रह्मांड रूपी कलश में व्याप्त हैं समस्त समुद्र द्वीप वसुंधरा ब्रह्मांड के संविधान चारों वेद इस कलश में स्थान लिए हैं इसका वैज्ञानिक पक्ष यह है कि जहां इस कटका ब्रह्मांड दर्शन हो जाता है जिससे शरीर रूपी घट से तादात्म्य बनता है वही तांबे के पात्र में जल विद्युत चुंबकीय उर्जावान बनता है । ऊंचा नारियल का फल ब्रह्मांड ऊर्जा (कॉस्मिक एनर्जी ) का संवाहक बनता है जैसे विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए बैटरी या कोषा होता है वैसे ही मंगल कलश ब्रह्मांडीय उर्जा संकेंद्रित करके उसे बहुगुणित कर आसपास विकिरित करने वाली एकीकृत कोषा है जो वातावरण को दिव्य बनाती है कच्चे सूत्रों का दक्षिणावर्ती वाला ऊर्जा वाले को धीरे-धीरे चारों ओर वर्तुलाकार संचालित करता है संभवत सूत्र अर्थात जो मौली या कलावा बांधा गया है वह विद्युत कुचालक होने के कारण ब्रह्मांड धाराओं का रोकता है ।

इसीलिए मंगल कलश को सर्व प्रथम स्थान प्रदान किया गया है।

Thursday, 5 April 2018

छोटे - छोटे उपाय

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 अगर पति - पत्नी में कलह रहता है . . . तो सोने से एक घंटा पहले बेडरूम में एक कपूर की टिकिया जलावे . . ऐसा 43 दिन लगातार करे . . .कलह समाप्त होकर प्रेम में वृद्धि होगी . . .
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 अगर आप की आवाज़ अच्छी नहीं है . . तो आज से ही गाय के दूध में शहद मिलाकर पीना शुरू करे . . .आवाज़ सुरीली हो जायेगी . . .
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 अगर आपको हमेशा तनाव रहता है . . तो प्रतिदिन सूर्योदय काल में 1 घंटा किसी धर्म स्थान के बरामदे में बैठना शुरू कर दे . .
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 अगर आपको बहुत गुस्सा आता है . . तो रात्रि को चांदी के ग्लास में पानी भरकर चांदी की प्लेट से ढककर सिरहाने रखे . . सुबह उठते ही उसे पी ले . . शीघ्र ही गुस्सा शांत होने लगेगा . .
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 अगर आपको सर्दी - जुकाम रहता है . . अस्थमा की शिकायत है . . तो रात्रि सोने से पहले भुनी हुई लौंग चबाकर खाए . . शीघ्र आराम मिलेगा . .
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 अगर आप चाहते है . . कि हमेशा आपका मन प्रसन्न रहे . . तो प्रत्येक सोमवार पारद शिवलिंग पर दूध चढ़ावे . . चन्दन का लेपन करे . .
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 अगर आपकी बहुत मनोकामना है . . और उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है . . तो अपने घर पर " अपराजिता " की बेल लगावे . . प्रतिदिन सुबह अगरबत्ती जलाकर " ॐ महालक्ष्मी वांछितार्थ पूरय पूरय नमः " मन्त्र की एक माला जाप करे . . आपकी मनोकामना पूरी होगी . .
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 अगर आपके व्यवसाय को नज़र लग गयी है तो शुक्रवार रात को पानी में सेंधा नमक घोल ले . . शनिवार सुबह उस पानी से व्यवसायिक स्थल पर पोंछा लगावे .

Tuesday, 6 March 2018

जय शनि देव

जय शनि देव - " ॐ खां खीं खों सः शनये नमः "

 अगर आप " परस्त्री गमन " . . " शराब , तम्बाकू , नशीले पदार्थ " . . " जुआ " . . आदि से दूर रहते है - तो - आपको " शनिदेव " से डरने की जरुरत नहीं . .

 " शनिदेव " . .बारह राशियों में " शनि " का भ्रमण 29 वर्ष 5 माह 17 दिन में पूरा होता है . . .

 जब भी गोचरवश " शनि " आपकी राशि के द्वादश भाव में आते है - आप समझिये - आपकी " साढ़े साती " शुरू हो गयी . . " साढ़े साती " के तीन चरण होते है - प्रत्येक चरण लगभग ढाई वर्ष चलता है . . .

 एक सामान्य मनुष्य के जीवन में तीन बार साढ़े साती आती है . . प्रथम - मस्तक पर चढ़ती हुई . . द्वितीय - ह्रदय पर चढ़ती हुई . . .तृतीय - पाँव पर उतरती हुई . .

 " शनि " . . विशेष तौर पर . . शारीरिक कष्ट , जोड़ो का दर्द , दमा , दरिद्रता , मृत्यु , घुटनों का दर्द , उदर विकार , लकवा , लंगडापन , कोढ़ , अल्सर , बहरापन , पागलपन , गले का रोग , मोच आदि बिभिन्न प्रकार के कष्ट देता है . . .

 " शनि " . . अगर आप शनि के कष्टों से बचना चाहते आइये आज से ही " शनि देव " की अराधना शुरू करे . .

 प्रत्येक शनिवार " ॐ खां खीं खों सः शनये नमः " . . मंत्र की 1 माला जाप करे . . .

 प्रत्येक शनिवार " सरसों तेल " या " तिल तेल " का दान करे . . .

 शारीरिक कष्ट बहुत बढ़ गये है - तो एक लोहे की कटोरी में सरसों तेल भरकर - उसमे अपना चेहरा देखकर शनिवार को दान करे . . .

 अगर आपको कमर में दर्द रहता है - तो एक शनिवार किसी धर्मस्थान पर " शमी " का पेड़ लगावे - और नियमित उसमे पानी डाले . . .

 शनिवार के दिन काली उरद का दान करे . . " शनि चालीसा " का पाठ करे . .

 शनिवार के दिन काले कुत्ते को इमरती खिलाने से भी शनि का प्रकोप कम होता है . . .

 हर शनिवार रोटी पर सरसों तेल लगाकर काले कुत्ते को खिलाने से दरिद्रता खत्म होकर घर में सुख समृद्धि आती है . .

 एक विशेष बात . . अगर जो व्यक्ति " कन्या संतान " को जन्म देने से पहले गर्भ में ही मार डालता है - उसको " शनिदेव " के प्रकोप से - इस जन्म में तो क्या अगले सात जन्मो में भी किसी भी प्रकार का ज़प , तप , हवन , दान करने के बाद भी नहीं कोई नहीं बचा सकता . . . जो व्यक्ति " कन्या " को जन्म देकर उसका सही लालन - पोषण करता है - उसका " शनिदेव " कुछ भी अशुभ नहीं करते . . .

Thursday, 1 March 2018

होली है

होली है = मन को रंगीन बनाती एक और रंगीन सुबह . . .एस्ट्रो रजनीश अग्रवाल .Gold Medalist . की तरफ़ से आप सभी को होली की रंगारंग शुभकामनाये .
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 होली विशेष . . केवल हर्बल रंगों से ही खेले होली . .

 घर पर बनाए . . हर्बल रंग . .

 दो छोटे चम्मच लाल चन्दन पावडर को पाँच लीटर पानी में डालकर उबालें . . इसमें बीस लीटर पानी और डालें . . रंग तैयार . .

 अनार के छिलकों को पानी में उबालकर भी लाल रंग बनाया जा सकता है . .

 पिसी हुई मेहँदी में चावल का आटा और मैदा मिलाये . . हरा गुलाल तैयार . .

 एक चम्मच हल्दी को दो लीटर पानी में उबाले . . पीला रंग तैयार . .

 पिसे गेरु में आटा . . मैदा . आरारोट मिला ले . . सूखा रंग तैयार . .

 चुकन्दर को घिस लें और इसे एक लीटर पानी में भिगो दें . . बहुत ही अच्छा गुलाबी रंग तैयार हो जाएगा . . गहरे गुलाबी रंग के लिए इसे रातभर भिगोएँ . .

 टेसू (पलाश) के फूलों को रातभर पानी में भिगो कर बहुत ही सुन्दर नारंगी रंग बनाया जा सकता है . .

 तो खेलिये होली . . . हर्बल रंगों से . . घर में रंग बनाने से जो पैसा बचे . . हमारे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दे . .