Thursday, 11 January 2018

खुशबु

खुशबु " का परफ्यूम . . . ?
.
= कल हमने - मेष . .से . . कन्या राशि . . तक बताया . . आज आगे . . . -
.
= तुला राशि = अगर आप तुला राशि के है - तो - " नींबू तथा चन्दन " की खुशबु वाला परफ्यूम आपके कैरियर के लिए उत्तम रहेगा =
.
= वृश्चिक राशि = आपके लिए " गुलाब " की खुशबु वाला परफ्यूम आपके जीवन के संघर्ष को बहुत कम कर देगा =
.
= धनु राशि = आपके लिए " नींबू " की खुशबु वाला परफ्यूम आपके निकलते हुए पेट पर रोक लगाते हुए आपको स्मार्ट बनायेगा =
.
= मकर राशि = आपके लिए " वनिला तथा कस्तुरी " की खुशबु वाला परफ्यूम आपके जीवन में ज्यादा खुशियाँ लेकर आयेगा =
.
= कुम्भ राशि = आपके लिए " चंदन " की खुशबु वाला परफ्यूम आपके धन संचय के लिए फायदेमंद रहेगा =
.
= मीन राशि = अगर आपकी राशि मीन है - तो - आप किसी भी प्रकार की खुशबु वाला परफ्यूम का प्रयोग कर सकते है - क्योकि आपका राशि स्वामी " गुरु " है - ओर " गुरु " के लिए सभी अच्छे है =
.

Saturday, 6 January 2018

राहू - केतु

= एक कथा के अनुसार . . समुद्र मंथन से निकले " अमृत " को जब " भगवान् विष्णु " मोहिनी का रूप धरकर देवताओं को पिला रहे थे - तब एक " राहू " नामक राक्षस - देवताओं का रूप धरकर अमृत का पान करने लगा - तो सूर्यदेव और चंद्रदेव ने उसे पहचान कर " भगवान् विष्णु " को इशारा कर दिया - भगवान् विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहू का मस्तक धड़ से अलग कर दिया - क्योकि राहू अमृत पान कर चुका था - अतः वह अमर हो गया - सर को राहू और धड़ को केतु कहा जाता है . .
.
= राहू - केतु . . जन्मकुंडली में हमेशा एक दुसरे के आमने - सामने . रहते है - तथा 180 अंश की रेखीय दूरी पर रहते हुए सूर्य के चक्कर लगाते है . .
. .
= राहू - केतु . . मान्यता के अनुसार . . कन्या राशि " राहू " की और मीन राशि " केतु " की होती है = एक राशि पर दोनों लगभग डेढ़ वर्ष तक रहते है -
.
= जन्मकुंडली में " राहू " की महादशा 18 वर्ष की और " केतु " की महादशा 7 वर्ष की होती है . . .
.
= कुछ ज्योतिषियों के अनुसार " राहू " - " वृष " राशि में उच्च का और " वृश्चिक " राशि में नीच का होता है = कुछ के अनुसार " राहू " - " मिथुन " में उच्च का और " धनु " में नीच का होता है -
.
= " केतु " - उच्च और नीच - ठीक " राहू " से विपरीत होता है . . .
. .
= " राहू " से दादा का विचार और " केतु " से नाना का विचार किया जाता है . . .
.
= " राहू " - जन्मकुंडली में . . दुःख , दुर्भाग्य , आकस्मिक संकट , साहस , राजनीति , चिंता , विलासिता , अनुसंधान , धोखा , पाप कर्म , छल- कपट, मद्यपान आदि चीजों का अध्ययन किया जाता है - " नेताओं " और " नेतागिरी " का विचार भी " राहू " की स्थिति से किया जाता है . . .
.
= " राहू " क्योंकि छाया ग्रह है - अतः यह जिस ग्रह की राशि मे बैठता है - उसी के अनुसार फल देता है . . जैसे " वृष " या " तुला " राशि में बैठने पर " शुक्र " ग्रह के अनुसार फल देगा . .
.
= राहु और केतु के कारण ही कालसर्प दोष निर्मित होता है . .
.
= राहु का तान्त्रिक मंत्र - ऊं भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: . . . 18000 जाप
.
= केतु का तान्त्रिक मंत्र- ऊं स्‍त्रां स्‍त्रीं स्‍त्रौं स: केतवे नम: . . 17000 जाप
..

Friday, 5 January 2018

मोर

= ज्योतिष में " मोरपंख " का बहुत महत्व है . .स्वयम्‌ भगवान कृष्ण ने अपने मुकुट में इसे धारण किया . . " मोरपंख " के प्रयोग से हम अपने जीवन को संवार सकते है . .
.
= " मोरपंख " घर के दक्षिण-पूर्व कोण में लगाने से बरकत बढती है. . . व अचानक कष्ट नहीं आता है. .
.
= यदि मोर का एक पंख किसी मंदिर में श्री राधा-कृष्ण कि मूर्ति के मुकुट में 40 दिन के लिए स्थापित कर प्रतिदिन मक्खन-मिश्री का भोग सांयकाल को लगाए . . 41 वें दिन उसी मोर के पंख को मंदिर से दक्षिणा-भोग दे कर घर लाकर अपने खजाने या लाकर्स में स्थापित करें. . तो आप स्वयं ही अनुभव करेंगे कि धन,सुख-शान्ति कि वृद्धि हो रही है. सभी रुके कार्य भी इस प्रयोग के कारण बनते जा रहे है . . .
.
= काल-सर्प के दोष को भी दूर करने की इस मोर के पंख में अद्भुत क्षमता है.काल-सर्प वाले व्यक्ति को अपने तकिये के खौल के अंदर 7 मोर के पंख सोमवार रात्रि काल में डालें तथा प्रतिदिन इसी तकिये का प्रयोग करे. . . और अपने बैड रूम की पश्चिम दीवार पर मोर के पंख का पंखा जिसमे कम से कम 11 मोर के पंख को लगा देने से काल सर्प दोष के कारण आयी बाधा दूर होती है. .

= बच्चा जिद्दी हो तो इसे छत के पंखे के पंखों पर लगा दे ताकि पंखा चलने पर मोर के पंखो की भी हवा बच्चे को लगे धीरे-धीरे हठ व जिद्द कम होती जायेगी. . .

= मोर व सर्प में शत्रुता होती है अर्थात सर्प, शनि तथा राहू के संयोग से बनता है. यदि मोर का पंख घर के पूर्वी और उत्तर-पश्चिम दीवार में या अपनी जेब व डायरी में रखा हो तो राहू का दोष कभी भी नहीं परेशान करता है. तथा घर में सर्प, मच्छर, बिच्छू आदि विषेलें जंतुओं का भय नहीं रहता है . .

Tuesday, 2 January 2018

स्वप्न

स्वप्न वास्तवमें हमारी स्मृतियां और कल्पनाए है - जो हमारे मस्तिष्क के किसी न किसी कोने में गुप्त रूप से विद्यमान रहती है =
.
= स्वप्न से हमें भविष्य में होने वाली अधिकतम घटनाओ का पूर्व में आभास मिल जाता है =
.
= रात्रि के प्रथम प्रहर में देखे स्वप्न का फल एक वर्ष में - दुसरे प्रहर में देखे स्वप्न का फल 8 माह में - तीसरे प्रहर में देखे स्वप्न का फल तीन माह में और चोथे प्रहर में देखे स्वप्न का फल एक माह में मिलता है =
.
= सूर्योदय से कुछ समय पूर्व - ब्रह्मम मुहूर्त में देखे गए स्वप्न का फल तुरंत प्राप्त होता है =
.
= अगर आपको स्वप्न में नियमित सर्प दीखते है तो" काल सर्प दोष " की शांति करवा ले = प्रत्येक सोमवार पारद शिवलिंग में कच्चा दूध चढ़ावे =
.
= स्वप्न फल के अनुसार अगर पढाई में रुकावट की संभावना हो तो स्कूली बच्चो को कापी - किताब आदि दिलावे - गाय को हरा चारा खिलावे =
.
= स्वप्न फल के अनुसार गंभीर शारीरिक संकट या बीमारी आने को हो तो अपने वजन के बराबर " सतनाजा " ( सप्तधान्य ) दान करे =
.
= स्वप्न फल के अनुसार अगर आर्थिक संकट की संभावना हो तो मंगलवार - शनिवार कच्चे नारियल को नदी में प्रवाहित करे - अपने वस्त्र जो आप लगातार पहनते है - कुछ पैसो के साथ भिखमंगे को दान कर देवे ==

Thursday, 28 December 2017

घोड़े की नाल

= घोड़े की नाल का छल्ला अगर दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुलि में धारण किया जाएँ . . तो ऊपरी हवा . तोने - टोटके से सुरक्षा मिलती ही है . . साथ में बवासीर में भी आराम आता है . .
.
= मुख्य द्वार पर सीधा अर्थात u आकर में लगाये तो दैवीय कृपा और घर को सुरक्षा मिलती है . .
.
= काले घोड़े की नाल से चार कील बनवाये और शनि पीड़ित व्यक्ति के बिस्तर में चारो पायो में लगा दें . .
.
= घोड़े की नाल सवा किलो काली उरद की दाल में रख कर एक नारियल के साथ जल में प्रवाहित करे . इससे आकस्मिक कष्ट से छुटकारा मिलता है . .
.
= घोड़े की नाल काले वस्त्र में लपेट कर तिजोरी में रखने से धन में वृद्धि होती है . .
.